किसी को उपहार के तौर पर कीमती सामान देना कोई नई बात नहीं है। लेकिन जब गिफ्ट की कीमत करोड़ों रुपए हो और देने लेने वाले में किसी भी तरह का ना तो कोई संबंध हो ना ही बराबरी की स्थिति हो तो सवाल उठना स्वाभाविक है। पूर्ववर्ती हैदराबाद के निजाम से नजदीकी संबंध रखने वाले एक परिवार के वंशज ने शिवसेना सांसद के ड्राइवर को तकरीबन 150 करोड रुपए मूल्य की तीन एकड़ जमीन गिफ्ट की है। इसकी शिकायत मिलने के बाद संबंधी ड्राइवर और संसद के विधायक बेटे से पूछताछ की गई। आर्थिक अपराध शाखा की टीम इस बात का पता लगाने में जुटी है कि गिफ्ट देने और लेने वाले में दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है। फिर भी एक ड्राइवर को प्राइम लोकेशन पर तीन एकड़ जमीन उपहार के तौर पर क्यों दी गई?
दरअसल 150 करो रुपए की जमीन गिफ्ट देने का मामला हैदराबाद के फेमस सालार जंग फैमिली और शिवसेना सांसद संदीपनराव भुमरे के ड्राइवर जावेद रसूल शेख से जुड़ा है। रसूल शेख संसद के साथ ही उनके विधायक बेटे विलास बर्मी से पिछले 13 साल से जुड़े हैं। एक ड्राइवर की किस्मत का ताला अविश्वसनीय तरीके से खुलने से हर कोई भौचकका है। बता दे की सालार जंग पूर्ववर्ती हैदराबाद के निजाम के काल में दीवान थे। सालार जंग परिवार की काफी प्रतिष्ठा है। इस बाबत शिकायत मिलने पर EWO ने मामले की जांच शुरू की हैं। इस गिफ्ट डिड पर सालार जंग परिवार से ताल्लुक रखने वाले मीर मजहर अली खान और उनके 6 अन्य संबंधियों ने हस्ताक्षर किए हैं। हालांकि, इन लोगों ने EWO की ओर से जारी नोटिस का अभी तक जवाब नहीं दिया है। उनसे अपना बयान दर्ज करवाने को कहां गया है। मुजाहिद खान के एक वकील ने इस बाबा शिकायत की थी जिसके बाद जान शुरू की गई।
हैदराबाद के प्रतिष्ठित सालार जंग परिवार द्वारा महाराष्ट्र में स्थित लगभग 150 करोड रुपए मूल्य की तीन एकड़ जमीन शिवसेना सांसद संदीपन राव भुमरे के ड्राइवर के नाम गिफ्ट किए जाने के मामले ने सियासी और प्रशासनिक हलकों में खलबली मचा दी है। या मामला तब सुर्खियों में आया जब छत्रपति संभाजी नगर पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा EWO को एक वकील की शिकायत मिली कि संसद के ड्राइवर जावेद रसूल शेख का नाम हिबानामा के जरिए कीमती जमीन ट्रांसफर कर दी गई है। जांच अधिकारियों के अनुसार यह जमीन संभाजी नगर के दौलतपुर इलाके में जलना रोड पर स्थित है और इस प्राइम लोकेशन माना जाता है। ड्राइवर जावेद सांसद संदीपनराव भुमरे और उनके विधायक बेटे विलास भामरे से तकरीबन 13 साल से जुड़े हैं।
EWO के इंस्पेक्टर संभाजी पवार ने कहा कि हम जावेद के इनकम टैक्स रिटर्न और आए के अन्य स्रोतों की जांच करेंगे। उसे यह स्पष्ट करना होगा कि सालार जंग परिवार के सदस्य क्यों उसके नाम इतनी बड़ी संपत्ति गिफ्ट करना चाहेंगे। जावेद ने बताया कि वह जांच में पूरा सहयोग कर रहा है। उसने कहा कि वह सालार जंग परिवार के वंशजों से अच्छे संबंध रखता हूं। इसलिए उन्होंने मुझे यह जमीन तोहफे में दी। हालांकि शिकायतकर्ता वकील मुजाहिद खान ने सवाल उठाया कि बिना किसी पारिवारिक या रिश्तेदारी के इतनी कीमती जमीन किसी ड्राइवर को क्यों दी जाएगी, उन्होंने कहा हिबानामा या गिफ्ट डीड सिर्फ रक्त संबंधियों के बीच मान्य होता है। यहां दोनों में ना तो कोई संबंध है और ना यह इस्लाम के अलग-अलग सेट से ताल्लुक रखते हैं। इस मामले में सांसद संदीपनराव भुमरे के बेटे और विधायक विलास भामरे ने सफाई देते हुए कहा कि ड्राइवर हमारे यहां काम करता है। लेकिन इसका यह मतलब नहीं है कि हम उसके हर फैसले के लिए जिम्मेदार है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस ने उनसे और उनके पिता से भी पूछता की है।






