अंग्रेजी माध्यम की किताबों के NCERT ने रखे हिंदी नाम, छिड़ा विवाद

 

केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने सोमवार को राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) द्वारा अंग्रेजी माध्यम की पाठ्यपुस्तकों को हिंदी शीर्षक देने के निर्णय को “अविवेकपूर्ण” बताया और इसकी समीक्षा की मांग की।

उन्होंने कहा, “NCERT का यह निर्णय संघीय सिद्धांतों और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है। यह न केवल सामान्य तर्क का उल्लंघन है, बल्कि इस तरह से किसी की सांस्कृतिक मान्यताओं को थोपने की एक घटना है, जो हमारे देश की भाषाई विविधता को कमजोर करती है।” शिवनकुट्टी, जो कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) से हैं, ने अन्य सभी राज्यों से तीन प्रकार के थोपने के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।

अब तक, अंग्रेजी माध्यम की पाठ्यपुस्तकों के शीर्षक अंग्रेजी में ही होते थे। नए कदम का अर्थ है कि कक्षा 6 की अंग्रेजी पुस्तक, जिसका नाम पहले ‘Honeysuckle’ था, अब ‘पूर्वी’ कहलाएगी — यह एक हिंदी शब्द है जिसका अर्थ ‘पूर्व दिशा’ होता है और यह हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में एक राग का भी नाम है।

अन्य बदलावों में कक्षा 1 की अंग्रेजी पुस्तक का नाम ‘मृदंग’ और कक्षा 3 की का नाम ‘संतूर’ करना शामिल है।

शिवनकुट्टी ने आगे कहा कि दशकों से इस्तेमाल हो रहे अंग्रेजी शीर्षकों को बदलना “पूरी तरह गलत” है। “भाषाई विविधता का सम्मान करना और बच्चों के मन में एक संवेदनशील दृष्टिकोण विकसित करना ज़रूरी है।”

उन्होंने कहा, “केरल, अन्य गैर-हिंदी भाषी राज्यों की तरह, भाषाई विविधता की रक्षा और क्षेत्रीय सांस्कृतिक स्वतंत्रता को प्राथमिकता देने के लिए प्रतिबद्ध है। पाठ्यपुस्तकों के शीर्षक केवल नाम नहीं होते; वे बच्चों की कल्पनाओं और सोच को आकार देते हैं। अंग्रेजी माध्यम के छात्रों को अंग्रेजी शीर्षक मिलने चाहिए। शिक्षा थोपी गई चीज नहीं, बल्कि सशक्तिकरण और सहमति का माध्यम होनी चाहिए।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

FOLLOW US

Live Cricket

POll

What does "money" mean to you?
  • Add your answer

TRENDING NEWS

Advertisement

GOLD & SILVER PRICE

Rashifal