क्या है पेरिस AI एक्शन शिखर सम्मेलन जिसकी पीएम मोदी करेंगे सह अध्यक्षता?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को फ्रांस के दो दिवसीय दौरे के लिए रवाना होने वाले हैं वह मंगलवार को पेरिस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रो के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(AI) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे और उसकी शहद अध्यक्षता करेंगे। इसके बाद वह भारत_ फ्रांस सीईओ फोरम को संबोधित करेंगे और मार्सीले की यात्रा पर रवाना होंगे। वहा भारतीय वाणिज्य दूतावास के उद्घाटन का कार्यक्रम होगा।
ऐसे में लिए जानते हैं कि आई शिखर सम्मेलन क्या है और उसके एजेंडे में क्या-क्या शामिल है।
विदेश मंत्रालय के सचिन विक्रम मिस्त्री ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 10 फरवरी की शाम को पेरिस पहुंचेंगे इसके बाद वे राष्ट्रपति मैक्रो द्वारा एलीसी पैलेस में आयोजित रात्रि भोज में शामिल होंगे। 11 फरवरी को प्रधानमंत्री राष्ट्रपति मैक्रो के साथ AI शिखर सम्मेलन की सह अध्यक्षता करेंगे। AI का अर्थव्यवस्था, राजनीति, समाज और शासन के सभी क्षेत्रों पर गहन प्रभाव पढ़ना तय है और पढ़ भी रहा है। इसलिए इस तरह का शिखर सम्मेलन महत्वपूर्ण और समयानुकूल है। AI शिखर सम्मेलन पेरिस शांति मंच का हिस्सा है और 10 से 11 फरवरी तक पेरिस में आयोजित होगा। इसमें 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग लेंगे और निजी क्षेत्र सहित नागरिक समाज के 1000 हितधारक भी हिस्सा लेंगे। इस सम्मेलन की शुरुआत यूनाइटेड किंगडम के ब्लेचली पार्क AI सुरक्षा शिखर सम्मेलन से हुई थी। जो 2023 में आयोजित हुआ था। उसमें AI से मानव के लिए उत्पन्न खतरों के बारे में चिंता पर ध्यान केंद्रित किया गया।ब्लेचली पार्क AI सुरक्षा शिखर सम्मेलन के बाद भारत और चीन सहित 20 देशों ने AI सुरक्षा पर ब्लेचली घोषणा पर हस्ताक्षर किए थे। 2024 में यह सम्मेलन सियोल में आयोजित किया गया, जहां 16 शीर्ष AI कंपनियों ने इसके विकसित करने की शपथ ली।
इस मामले में 6 से 7 फरवरी तक पूर्ण कोर सम्मेलन गतिविधियों पर ध्यान दिया गया। 8 से 9 फरवरी को AI की रचनात्मकता के साथ कला और संस्कृति पर इसके प्रभाव पर चर्चा हुई। 10 फरवरी को बिजनेस लीडर्स डे के साथ शिखर सम्मेलन आधिकारिक रूप शुरुआत होगी। यहां प्रतिभागी और उद्यमी AI रक्षा अनुप्रयोगो, साक्षरता पहल और उच्च स्तरीय नेटवर्किंग कार्यक्रमो पर चर्चा करेंगे। इसके बाद 11 फरवरी सरकारी अधिकारी दिवस के रूप में इस शिखर सम्मेलन का समापन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के भी सम्मेलन में भाग लेने की संभावना है। इसी तरह चीन के उप प्रधानमंत्री डिंग माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी दिग्गज प्रौद्योगिकी कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारी और ओपन AI के सीईओ सैम ओल्टमैन भी हिस्सा लेंगे। इस साल सम्मेलन के मुख्य विषयों में सुरक्षा, प्रशासन और नवाचार शामिल है। इसका उद्देश्य माइक्रोसॉफ्ट, अल्फाबेट, अमेजॉन और मेटा जैसी कुछ चुनिंदा कंपनियों के हाथों में सत्ता के बढ़ते संकेंद्रण से निपटना है। ओपन सोर्स AI सिस्टम, पावर डाटा सेंटरो के लिए स्वच्छ ऊर्जा, श्रम पर AI का प्रभाव, विकासशील देशों की मदद करने वाली AI तकनीक और संप्रभुता को बढ़ावा देने जैसे प्रमुख क्षेत्र इस सम्मेलन के एजेंट में शामिल है। इस सम्मेलन में दुनिया में AI विकास को बढ़ाना, व्यक्तिगत स्वतंत्रता का ख्याल रखते हुए और समावेशित सुनिश्चित करते हुए AI में बदलाव लाना और सभी के सामूहिक लाभ और सार्वजनिक हित के लिए आई को मानवतावादी मूल्य के अनुरूप लाना जैसी प्रमुख चुनौतियों पर ध्यान दिया जाएगा।

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