Ambikapur News: नवजातों की मौत के मामले पर बड़ा एक्शन, दो डॉक्टर सस्पेंड, हटाए गए अस्पताल अधीक्षक

सरगुजा में स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 4 नवजात शिशुओं के मामले में राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है. मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने जांच टीम को 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था.

Ambikapur News: छत्तीसगढ़ के सरगुजा में स्थित मेडिकल कॉलेज अस्पताल में 4 नवजात शिशुओं की एक साथ मौत हो जाने के मामले में राज्य सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है. इस मामले में कार्रवाई करते हुए चिकित्सा शिक्षा विभाग के अवर सचिव ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पदस्थ शिशु रोग विशेषज्ञ को निलंबित कर दिया है, क्योंकि ये डॉक्टर घटना की रात ड्यूटी से नदारद थे. वहीं डॉक्टर लखन सिंह से एमएस का पदभार छीन लिया गया है. इसके अलावा घटना से 7 दिन पहले हुए जच्चा बच्चा की मौत मामले में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर को भी सस्पेंड कर दिया गया है. ये जानकारी होने के बाद भी घटना की रात ड्यूटी पर नहीं पहुंची थी.

दरअसल, 5 दिसंबर की रात मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में बिजली गुल हो जाने के बाद 4 नवजात बच्चों की एक साथ मौत हो गई थी. इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया था. जांच के बाद अवर सचिव जनक कुमार ने सीनियर रेसीडेंट (शिशु रोग विशेषज्ञ) डॉ कमलेश प्रसाद विश्वकर्मा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. जांच में यह पाया गया कि एसएनसीयू में भर्ती बच्चे गंभीर थे.

दोषियों पर हुई ये कार्रवाई

इसके बाद भी 4 दिसंबर की रात डॉ कमलेश ड्यूटी पर उपस्थित नहीं थे. इसे गंभीर लापरवाही मानते हुए कार्रवाई की गई है. निलंबन अवधि में इन्हें सूरजपुर जिले के जिला अस्पताल में सह अधीक्षक कार्यालय में अटैच किया गया है. इधर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अवर सचिव जनक कुमार ने मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अस्पताल अधीक्षक व मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ लखन सिंह के खिलाफ भी कार्रवाई की है. अवर सचिव ने उन्हें अस्पताल अधीक्षक के पद से मुक्त करते हुए उनकी जगह डॉक्टर आरसी आर्या को संचालक सह प्राध्यापक पैथोलॉजी विभाग के साथ अस्पताल अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा है. डॉ लखन सिंह प्राध्यापक मेडिसिन विभाग बने रहेंगे.

परिजनों ने लाइट कटने की वजह से बच्चों की मौत होने का आरोप लगाया था

बता दें कि 4 नवजातों की मौत मामले से पहले 29 नवंबर को प्रतापपुर अस्पताल से रेफर होकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल आई एक महिला की प्रसव के बाद मौत हो गई थी. वहीं बच्चे ने भी दम तोड़ दिया था. इस मामले में ड्यूटी पर पदस्थ डॉ मंजू एक्का की घोर लापरवाही पाई गई. प्रसूता के गंभीर होने की जानकारी के बाद भी वो ड्यूटी से नदारद थी. इस मामले में उन्हें सस्पेंड किया गया है. निलंबन अवधि में उन्हें भी सूरजपुर जिला चिकित्सालय सह अधीक्षक कार्यालय में अटैच किया गया है.

गौरतलब है कि 5 दिसंबर की रात को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बार बार लाइट कट रही थी. इस बीच एसएनसीयू वार्ड में भर्ती 4 नवजात शिशुओं की मौत हो गई. तब जमकर बवाल मचा था. शिशुओं के परिजनों ने लाइट कटने की वजह से बच्चों की मौत होने का आरोप लगाया था.

हालांकि, जांच टीम ने जांच के बाद बच्चों की मौत का लाइट से कोई संबंध नहीं होना बताया. घटना के बाद स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव रायपुर से हवाई मार्ग द्वारा अम्बिकापुर पहुंचे थे और अस्पताल में पहुंचकर अस्पताल की भूमिका की पड़ताल की थी. इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने जांच टीम को 48 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया था. वहीं जांच रिपोर्ट की समीक्षा के बाद चिकित्सा शिक्षा विभाग ने एक्शन लिया और घटना की रात लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और अस्पताल अधीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई है.

 

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