2 साल की बेटी को सीने से दबाकर मार डाला:शव लेकर झील में छलांग लगाई, कहा- खाने को पैसे नहीं थे, कर्ज से परेशान था

बेंगलुरु में एक टेक्नीशियन ने अपनी 2 साल की बच्ची की हत्या कर दी। उसने पुलिस को बताया कि उसके पास बच्ची को खाना खिलाने के पैसे नहीं थे। बच्ची की जान लेने के बाद उसने आत्महत्या की कोशिश की, लेकिन बच गया।

घटना 15 नवंबर की है। बच्ची की डेड बॉडी 16 नवंबर को कोलार के केनदत्ती गांव की झील में मिली। इस झील के किनारे पुलिस को एक नीले रंग की कार भी मिली। इसे देखकर गांव के लोगों ने कोलार पुलिस को सूचना दी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने पिता की तलाश शुरू की, जिसके बाद 16 नवंबर को बेंगलुरु रेलवे स्टेशन से आरोपी पिता को गिरफ्तार किया गया। मामले का खुलासा अब हुआ है।

15 नवंबर से बेटी के साथ लापता था आरोपी
आरोपी की पहचान 45 साल के राहुल परमार के नाम से हुई है। वह गुजरात का रहने वाला है और दो साल पहले अपनी पत्नी भव्या के साथ बेंगलुरु शिफ्ट हुआ था। 15 नवंबर से वह अपनी बेटी के साथ लापता था, जिसकी शिकायत उसकी पत्नी ने पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थी।

बेटी को स्कूल ले जाने के बहाने घर से निकला था आरोपी
राहुल ने पुलिस को बताया कि वह बेटी को स्कूल ले जाने के बहाने घर से निकला था। वह खुद को मारना चाहता था, लेकिन बेटी के सामने होने के चलते वह फैसला नहीं ले पा रहा था। वह पूरे दिन बेंगलुरु और कोलार के आसपास चक्कर लगाता रहा। शाम को झील के पास कार रोककर वह बहुत देर तक सोचता रहा कि क्या करना चाहिए। उसने घर लौटने के बारे में भी सोचा, लेकिन उसे डर सताता रहा कि अगर वह घर लौटा तो कर्ज देने वाले उसे परेशान करेंगे।

बेटी को इतनी जोर से गले लगाया कि उसकी जान निकल गई
झील के पास एक दुकान से अपनी बेटी के लिए चॉकलेट और बिस्कट खरीदे। लेकिन बेटी दोपहर से भूखी थी, इसलिए वह रोती रही। राहुल के पास बच्ची को कुछ और खिलाने के लिए पैसे नहीं थे। इसलिए उसने बच्ची के साथ जान देने का फैसला लिया।

पहले वह बहुत देर तक बच्ची के साथ खेल खेलता रहा। फिर उसे बहुत देर तक गले लगाए रहा। गले लगाए हुए ही उसने बच्ची का दम घोंट दिया और उसके शव के साथ झील में कूद गया, लेकिन वह बच गया। इसके बाद उसने ट्रेन से कटकर जान देने की ठानी। वह बेंगलुरु रेलवे स्टेशन पहुंचा, जहां अगले दिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया।

छह महीने से बेरोजगार था राहुल, घर में चोरी की झूठी रिपोर्ट लिखाई
पुलिस के मुताबिक, राहुल पिछले 6 महीने से बेरोजगार था और उसे अपने बिटकॉइन बिजनेस में भी भारी नुकसान हुआ था। उसने अपने बेंगलुरु वाले घर से सोने के जेवरात चोरी होने की शिकायत भी लिखवाई थी। वह लगातार पुलिस स्टेशन जाकर मामले की जानकारी लेता था।

पुलिस की छानबीन पूरी होने के बाद पता चला कि राहुल ने खुद ही अपने घर से जेवर चुराए थे और उन्हें गिरवी रख दिया था। इसके बाद उसने पुलिस के पास झूठी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने इस मामले में उसे थाने आने को कहा था, लेकिन उसके पहले उसने बेटी की हत्या कर दी। पुलिस का मानना है कि चोरी की झूठी रिपोर्ट लिखवाने के मामले में कार्रवाई के डर की वजह से उसने बेटी की जान ले ली। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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Author: newtraffictail

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