महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले में अचानक बाल झड़ने के मामले सामने आई। इसकी वजह सरकारी राशन दुकानों से मिलने वाले गेहूं में अत्यधिक सेलेनियम की मात्रा है। पंजाब और हरियाणा से आया गेहूं स्थानीय गेहूं की तुलना से 600 गुना अधिक सेलेनियम से भरपूर था। सेलेनियम एक खनिज है, जो मिट्टी पानी और कुछ खाद्य पदार्थों में स्वाभाविक रूप से पाया जाता है। यह शरीर में मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है लेकिन इसकी अधिक मात्रा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकती है। अधिक सेलेनियम की वजह से तीन-चार दिनों के अंदर प्रभावित लोगों के सभी बाल झड़ गए दिसंबर 2024 से जनवरी 2025 के बीच 18 गांव के 279 लोग इस समस्या से प्रभावित हुए। इस बीमारी में पीड़ितों में सर दर्द बुखार सिर में खुजली झुनझुनी उल्टी और दस्त जैसे लक्षण देखे गए। इस बीमारी का असर खास तौर पर कॉलेज छात्राओं और युवा लड़कियों पर पड़ा, जिनकी पढ़ाई और तय हुई शादी इस कारण प्रभावित हुई। सामाजिक दबाव के कारण कई लड़कियों ने पूरा सिर मुंडवा लिया ताकि बाल झड़ने की शर्मिंदगी से बचा जा सके।
बुलढाणा का क्षेत्र नमकीन सारियां मिट्टी और बार बार पढ़ने वाले सूखे के कारण पहले से ही कृषि संकट से जूझ रहा है। यहां के लोग सरकारी राशन पर निर्भर है, लेकिन इसकी गुणवत्ता की जांच सही से नहीं हो रही। डॉक्टर बावसकर ने सुझाव दिया कि सरकारी राशन की सख्त निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण की जरूरत है, ताकि इस तरह की स्वास्थ्य समस्याओं को रोका जा सके। सरकार ने सेलेनियम युक्त गेहूं के सेवन पर रोक लगाने की सलाह दी।






