वर्धा : आज देश में पर्यावरण की सुरक्षा यह सबसे महत्वपूर्ण जवाबदारी सिर्फ सरकार की ही नहीं बल्कि सभी नागरिकों का सामाजिक दायित्व भी है.
बढ़ती हुई आबादी,औद्योगिकरण, तथा कई कार्यो के वजह से जिनके द्वारा विकास भी आवश्यक है लेकिन पर्यावरण को अपेक्षा से ज्यादा हानि पहुंचाई जा रही है.
पर्यावरण की सुरक्षा और पर्यावरण का जतन सही तरह से नहीं किया गया तो आने वाले समय में मानव जाति को काफी नुकसान उठाना पड़ेगा और तब हम कुछ नहीं कर पाएंगे. वायु प्रदूषण, जल प्रदूषण पेड़ों की अत्यधिक कटाई से हो रहा मौसम में परिवर्तन.इन सब की वजह से पृथ्वी का तापमान बढ़ गया है और मौसम चक्र बिगड़ गया है.
पर्यावरण की सुरक्षा हेतु पर्यावरण संरक्षण समिति की स्थापना की गई है. पर्यावरण संरक्षण समिति के संस्थापक अध्यक्ष युवा नेता, आंदोलक व सामाजिक कार्यकर्ता वरुण भाई पांडे है. समिति के सचिव पवन गोसेवाड़े व कोषाध्यक्ष अमोल कठाणे है.
यह समिति पर्यावरण संरक्षण के लिए संपूर्ण महाराष्ट्र में काम करेगी व महाराष्ट्र के हर जिलों में पर्यावरण सुरक्षा के लिए पर्यावरण संरक्षण समिति का संगठन तैयार किया जाएगा. जो स्वयंसेवक के रूप में अपनी इच्छा से सामाजिक कामों को करने के लिए व पर्यावरण की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए अपना समय देकर संगठन में काम करना चाहते हैं ऐसे लोगों को संगठन में जिम्मेदारी दी जाएगी. वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के साथ-साथ औद्योगिक संस्थानों द्वारा किए जा रहे वायु प्रदूषण जल प्रदुषण, ध्वनि प्रदुषण तथा अवैध तरीके से पर्यावरण का समतल बिगाड़ने वाले अवैध कामो को रोकने के लिए यह संगठन कार्य करेगा.यह संगठन शासन और प्रशासन के साथ मिलकर पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कार्य करेगा ऐसा प्रतिपादन संस्थापक अध्यक्ष वरुण पांडे ने किया है. जनता पर्यावरण के महत्व को समझे इसके लिए पर्यावरण के सुरक्षा के लिए जन जागरण कार्यक्रम भी लिए जाएंगे. ऐसा उन्होंने बताया है.






