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बहार एवं वन विभाग द्वारा जिला पक्षी सूची का प्रकाशन :
पक्षी जैव विविधता का अभिन्न अंग हैं – जिलाधिकारी राहुल कर्डिले

वर्धा – पक्षी जीवन जैव विविधता का अभिन्न अंग है और पक्षी पर्यावरण संरक्षण में अद्वितीय भूमिका निभाते हैं। कलेक्टर राहुल कर्डिले ने कहा कि पक्षी परागण के साथ-साथ वनों के प्राकृतिक निर्माण में भी रचनात्मक भूमिका निभाते हैं।
पिपरी की सरपंच वैशाली गौलकर, जिला मानद वन्यजीव रक्षक संजय इंगले तिगांवकर, बोर टाइगर रिजर्व की वन रेंज अधिकारी अर्चना नौकरकर, वैद्यकीय जन जागृति मंच के अध्यक्ष डॉ. डॉ. सचिन पावड़े, बहार के अध्यक्ष बाबाजी घेवड़े, संस्थापक अध्यक्ष प्रो. किशोर वानखड़े, आधारवाद संस्थान के अध्यक्ष प्रो. शेख हाशम, प्रकृति सेवा समिति अध्यक्ष मुरलीधर बेलखोड़े, बहार उपाध्यक्ष दीपक गुढेकर, मार्गदर्शक अतुल शर्मा, श्याम भेंडे प्रमुख रूप से उपस्थित थे। वन विभाग के सहयोग से बहार नेचर फाउंडेशन द्वारा प्रकाशित इस संशोधित पक्षी सूची में जल निकायों, बड़ी झीलों, बांधों, दलदलों, पार्कों, पहाड़ियों, घने जंगलों, संरक्षित वन क्षेत्रों, बाघ अभयारण्यों जैसे विभिन्न आवासों में पाई जाने वाली 304 पक्षी प्रजातियाँ शामिल हैं।जिले में मानव बस्तियों आदि को दर्ज किया गया है।


कार्यक्रम में बोलते हुए राहुल कर्डिले ने लीला चरित्र और संतों के प्रसंगों का हवाला देते हुए कहा कि रंग-बिरंगे पक्षियों से मानव जीवन में जो आनंद आता है, वह अवर्णनीय है। अर्चना नौकरकर ने पुष्टि की कि बहार नेचर फाउंडेशन वन विभाग के कर्मचारियों और गाइडों को पक्षियों और उनके महत्व की पहचान करने में मदद कर रहा है और इस अतिरिक्त जानकारी को पर्यटकों तक पहुंचाना आसान हो गया है।

वैशाली गौळकर डॉ. सचिन पावडे ने वृक्ष और पक्षी इनका सहसंबंध आपल्या भाषण से बताया . त्यौहार मनाते समय पर्यावरण और जीव सृष्टि को किसी प्रकार की बड़ा न पहुंचे इस बात की ध्यान रखना कि हमें जरूरत हसि ऐसा आवाहन संजय इंगळे तिगावकर ने किया . जंगल यह पृथ्वी का प्राण वायु है उसका संरक्षण करना अत्यधिक महत्वपूर्ण है ऐसा प्रतिपादन प्रा. किशोर वानखडे ने किया . डॉ. बाबाजी घेवडे अपने पक्षियों की पहचान पर्यावरण का महत्व स्थानांतरण और अत्यंत रोचक जानकारी स्लाइडशो के माध्यम से उपस्थित जनता को दिखाई. 
कार्यक्र का संचालन दीपक गुढेकर ने किया , आभार देवर्षी बोबडे ने मना.इस आयोजन मे सचिव जयंत सबाने, कोषाध्यक्ष राजदीप राठोड, पवन दरणे, डाॅ. आरती प्रांजळे घुसे, संगीता इंगळे, मनेशकुमार सज्जन, याकूब शेख, प्रतीक्षा गेटमे, आर्य भातकुलकर, नम्रता सबाने, शर्वरी मुळे, वेदांत गुढेकर, आकाश जयस्वाल, वैद्यकीय जनजागृती मंचके सदस्यों का सहकार्य मिला .कार्यक्रम के मौके पर इलाके में पक्षियों की तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाई गई. पर्यावरण प्रेमी नागरिकों ने प्रकृति के करीब आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होकर दिवाली का पहला दिन मनाया. इस समय उपस्थित सभी को जिला पक्षीसूची दी गयी .

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